Thursday, August 7, 2014

लोकसंग्रह :संसार को बनाए रखना।

लोकसंग्रह :संसार को बनाए  रखना।
लोकसंग्रह का अभिप्राय संसार की एकता या समाज की परस्पर -संबद्धता से है। यदि संसार को भौतिक कष्ट और नैतिक अध:पतन की दशा में  नहीं गिरना है ,यदि सामान्य जीवन को सुचारू और सगौरव होना है ,तो सामाजिक कर्म  का नियंत्रण धार्मिक नीति से होना चाहिए। धर्म का उद्देश्य समाज का आध्यातिमकरण करना है ,पृथ्वी पर भ्रातृभाव की स्थापना करना। हमे पार्थिव संस्थाओ में आदर्शो को साकार करने की आशा से प्रेरणा मिलनी चाहिए।
जब भारतीय जगत की जवानी समाप्त हो चली , तब इसका झुकाव परलोक की ओर हो चला। श्रांत वयस में हम  त्याग और सहिष्णुता के संदेशो को अपना लेते है। आशा और ऊर्जा की वयस में हम
संसार में  सक्रिय सेवा और सभ्यता की रक्षा करने पर जोर देते हैं।
बोइथियस ने जोर देकर कहा है कि  " जो अकेला स्वर्ग जाने को तैयार है ,वह कभी स्वर्ग नहीं जाएगा। "

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