Thursday, January 24, 2019

मेरी तेरी जिंदगी !

जीने पे आया तो जी लिया
मरने पे आया तो घुट घुट के जी लिया
बात मेरी तेरी जिंदगी की नहीं है
 बात तेरे मेरे मरने की भी नहीं है
बाते बहुत है तेरे मेरे पास
 पर बात कोई भी करने की नहीं है
अहसासों में साँसे भर कर
 जिंदगी  जीने से जिंदगी  जी जाती है
मुकम्मल हुआ मेरा कहना
 के बात कोई भी कहने की नहीं है
वक़्त गुजरने के बाद
 इंसानों ने लकीरे पीटी है
और एक एक करके लम्हा
गुजारा  मैने तेरे साथ
 बस यही कुदरत का फ़लसफ़ा है जो मेरे पास
 वरना
मै भी वो इंसा हूँ
जिसने पानी के हर घूंट  को भी
जहर में तब्दील होते देखा है।