दर्द के साथ जीना ,
मुझे बिलकुल भी
अच्छा नहीं लगता है
पर शायद अकेला देख कर मुझे
दर्द से रहा नहीं जाता
या फिर
दर्द से अपना अकेलापन
सहा नहीं जाता
नफरत है मुझे दर्द से
प्यार है दर्द को मुझसे
पर फिर जब मैं अकेला होता हूँ
दर्द आकर मेरा साथ देता है
और फिर थक हार कर
मैं अपना सिर
उसके कांधे पर रख देता हूँ।
मुझे बिलकुल भी
अच्छा नहीं लगता है
पर शायद अकेला देख कर मुझे
दर्द से रहा नहीं जाता
या फिर
दर्द से अपना अकेलापन
सहा नहीं जाता
नफरत है मुझे दर्द से
प्यार है दर्द को मुझसे
पर फिर जब मैं अकेला होता हूँ
दर्द आकर मेरा साथ देता है
और फिर थक हार कर
मैं अपना सिर
उसके कांधे पर रख देता हूँ।
