Thursday, June 25, 2015

भागते भागते ! जीने का अधिकार मुझे मिला !

मैं कौन ?
 भागते भागते मैंने
 खड़े वक़्त से  पूछा।
जीवन की आपा -धापी  में ?
खोने का डर हमेशा।
कुछ पा कर भी
बहुत खोया मैंने
ऐसा तो नहीं।
फिर क्यों मैं
डरा -डरा हूँ।
वक़्त के गुजरने का
अहसास मुझे
जीने के लिए  या
जीने का अधिकार मुझे
मिला
जैसे-जैसे वक़्त गुजरा।





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