Saturday, August 28, 2010

हे ! मेघ मल्हार

हे ! मेघ मल्हार

तूने यह कौन से गीत गाए?


माँगी थी पानी की चँद बूँदे ,


तन को शीतल करने के लिए,


सोचा था तू आएगा खुशियाँ लाएगा ,हरियाली छाएगी।


तन मन की ऊष्मता भगाएगा


पर हे !
मेघ मल्हार तूने यह कौन से गीत गाए ?


सोचा था , पढ़ा था ,


शुक -शुकी के गीतों के बारे में ,


राधा -कृष्ण की लीला के बारे में ,

सुना भी था -कोयल की कूकू के बारे में ,
सुना भी था ,पढ़ा भी था ,और भी बहुत कुछ अच्छा-अच्छा


पर हे ! मेघ मल्हार तूने यह कैसे गीत सुनाये


मैं सह भी जाता , मैं रह भी जाता ,


अगर इसमें होती किसी राधा की व्याकुलता ,


अपनें कृष्ण से मिलने की ,


पर अब मैं अपने मन की वेदना को ,


कैसे छुपाऊँ , हे !मेघ मल्हार तेरे


गीतों की त्रासदी मैं किस निर्ममता


से किस -किस को बताऊँ ,


हे !मेघ मल्हार तू ही मेरा दर्द जान ले ,


मुझमें छिपे एक इंसान को तू पहचान ले ,

हे! मेघ मल्हार ,

हे!मेघ मल्हार ,

हे! मेघ मल्हार । ।

Sunday, June 27, 2010

MY BUSINESS

THIS GOVERMENT IS TAKING DARING STEPS & HAVE NO FEAR AT ALL.THIS IS VERY DANGEROUS FOR ANY DEMOCRACY. OUR PRIMEMINISTER IS A WELL KNOWN ECONOMIST & I DON'T BELIEVE HE CAN TAKE SUCH A HARD STEP OF INCREASING PETROL,DIESEL & KEROSIENE PRICES IN ONE GO. INDIA IS NOT A RICH COUNTRY.I THINK HE HAS FORGOTTEN THAT INDIA IS A POOR COUNTRY & MAJORITY OF INDIANS STRUGGLE FOR THEIR DAY TO DAY SURVIVAL.DIRECT IMPLICATION OF INCREASING PRICES IS INCREASE IN ALL FOOD ITEMS BESIDES ALL COMMODITIES . THIS IS AN ALARMING POSITION WHERE AN ELECTED GOVERMENT DON'T CARE AT ALL OF PUBLIC AT LARGE.WHAT TO SAY MORE THAN THIS THAT THIS GOVERMENT IS NOT A FRIENDLY GOVT. AT ALL.

Sunday, June 20, 2010

पिताजी ने कहलवाया है

मैंने, माँ से कहा- पूछो , पिताजी से ,
कैसे हो ?
मैंने, माँ से कहा -कहो पिताजी से ,
मैं हरपल उन्हें याद करता हूँ ।
मैंने, माँ से कहा- बताओं पिताजी को
कि मैं अभी भी उनका इंतज़ार करता हूँ ।
मैंने, माँ से कहा- बोलो पिताजी को
जैसे- जैसे मैं बड़ा हुआ,
अपने पैरों पर खडा हुआ,
तो बिन उनके जमीन वो नहीं थी समझदारी की ।
मैंने, माँ से बहुत कुछ कहा
कि ये बोलो ,वो बोलो,
ढेर सारी थी मेरी फरमाईशेँ ।
बहुत सारी थी मेरी बातें और मेरी ख्वाहिशैँ ।
मैंने ,माँ से कहा- बताना पिताजी को
कि मैं भी बन चुका हूँ पिता ,
समझ पाता हूँ दर्द उनका,
ना पूरी कर पाना उम्मीदों का मेरी।
तो ,माँ ने कहा- पिताजी ने कहलवाया हैं-
मेरा बेटा पिता बन कर समझदार होने को आया है ।

मेरा देश -प्रेम

क्या देशप्रेम केवल सीमाओ पर लड़ना है ?
क्या देशप्रेम देश की बड़ी समस्याओं से लड़ना है ?
नहीं, मेरा देशप्रेम इन सबसे जुदा है।
जीवन जीना परिवार के लिए,
क्या देशप्रेम नहीं है ?
जीवन जीना- एक स्वस्थ विचारधारा लेकर ,
क्या देशप्रेम नहीं है ?
मुधर हो वाणी मेरी ,
मुधर हो व्यक्तित्व मेरा ,
मुधर हो मेरे रिशते सबसे ,
यही मेरा देशप्रेम है ।

Thursday, June 17, 2010

MY BUSINESS

IT IS VERY NECESSARY TO UNDERSTAND WHAT IS HAPPENNING.LAST 3-4 DAYS ADAG STOCKS HAS SHOWN SOME STRENGTH WHICH PAVES THE WAY FOR NIFTY TO GO ON HIGHER SIDE.NOW,IT IS THE TURN OF RIL TO SOME STRENGTH.OUR MARKET HAS OUTPERFORMED IN THE WORLD MKT.& LIKELY TO DO SO IN FUTURE.

Thursday, June 10, 2010

MY BUSINESS

AT the end of day please remember my writting of last Sunday,metals have pickedup with buying in lower levels in banks.this will continue till tomorrow.Market is waiting for good news to overcome of Europe crises.There is so much cashflow in the market ,it is unbelievable.So,in the long run indian mkts will outperform.

Sunday, June 6, 2010

MY BUSINESS - NOW-A-DAYS

NOW-A-DAYS ON EVERY LOW LEVEL PICK UP ANY PSU BANK LIKE VIJAYA BANK,ANDHRA BANK,UCO BANK.ONE CAN BUY METALS ALSO FOR VERY SHORT TERM GAIN.THESE TRADING TIPS ARE FOR TOMORROW OR DAY AFTER TOMORROW(WEEK STARTING FROM 7 TH JUNE 2010)

Sunday, May 30, 2010

MY BUSINESS

MY BUSINESS CAN BE OF ANYONE'S BUSINESS.TODAY'S HOT PICK IS SHARE
MARKET.NO FUNDAMENTAL,NO INVESTOR FRIENDLY AS IT USED TO BE IN EARLIER
DAYS. IT IS TOTALLY INTRA DAY TRADER-FRIENDLY MARKET.KEEP ON GUESSING
HOW AFTER DOW HAS LOST 1% OR 2% NEXT MORNING SUDDENLY YOU'LL FIND
SELLERS ONLY IN OUR MARKET OR VICE-VERSA. ANOTHER INERSTING THING IS
THAT ONE DAY IF ONE SECTOR IS GOOD.IN FEW DAYS FUNDAMENTALS GOES WRONG & ANOTHER NEW SECTOR WILL BE MORE ATTRACTIVE.THIS IS A CHAIN & ONE CAN
EASILY TRAPPED IN THIS.So,YOU ARE MOST WELCOMED FOR HANDSOME RETURN
BUT AS A SHORT TERM INVESTOR.IF YOU HAVE EARNED PROFIT IN ONE DAY OR IN
FEW HOURS OR IN FEW MINUTES DON'T WAIT SELL IT & KEEP MONEY FOR NEXT
DAY. TO BE CONTD.

Saturday, May 1, 2010

मैं और माँ!

माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ,
मैं ही नहीं बहु भी कहती ,
कहते सारे पोते नाती ,
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।

रोज सवेरे मुझे जागना ,
बैठे पलंग पर भजन सुनाना ,
प्यारे कृष्ण के अनुपम किस्से,
तेरी दिनचर्या के हिस्से ,
पूजा के तू कमल बनाती ,
माँ ! तू कुछ दिन तू और ना जाती।

वृदावन तुझको ले जाता ,
यमुनाजी में स्नान कराता ,
धीरे-धीरे पाँव दबाता ,
तू जब भी थक कर सो जाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।

कमरे का वो सूना कोना ,
चलना फिरना खाना सोना ,
रोज सुबह ठाकुरजी को नहलाना ,
बच्चो को तुझको टहलाना,
जिसको तू देती थी रोटी ,
गैया आकर रोज रंभाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती।

सुबह देर तक सोता रहता ,
घुटता मन में रोता रहता ,
बच्चे तेरी बाते करते ,
तब आँखों से आंसू झरते ,
माँ अब तू क्यों न सहलाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।

अब जब से तू चली गयी हैं ,
मुरझा मन की कली गयी हैं ,
थी ममत्व की सुन्दर मूरत,
तेरी वो भोली सी सूरत ,
दृढ़ निश्चय और वज्र इरादे ,
मन गुलाब की कोमल पाती।
माँ!कुछ दिन तू और ना जाती।





Wednesday, March 17, 2010

DAY TO DAY: सुनो, सोचो और समझो

DAY TO DAY: सुनो, सोचो और समझो

सुनो, सोचो और समझो

मैंने सुना,मैंने सोचा
और
फिर मुझे याद आया
कि जहाँ कही भी
मैं गलत होता हूँ
तुम और सिर्फ तुम
मुझे सही कर देती हो
और
मुझे अहसास भी नहीं होता
मैंने सुना, मैंने सोचा
और फिर मुझे याद आया
कि
मुझे सही होने की उतनी ख़ुशी या गम नहीं
जितना रश्क मुझे इस बात का हैं कि
मेरे स्वाभिमान और तुमारे अभिमान में
सिर्फ 'स्व' जैसे उपसर्ग का फर्क हैं
फिर भी मैने सोचा
और फिर मुझे याद आया
शायद 'स्व' को मुझे मिटाना होगा
और फिर अहसास दिलाना होगा
कि स्वाभिमान -अभिमान बहुत वजनदार हैं
वैसे
बहुत मजेदार हैं
फिर भी इन्हे मिटाना होगा। फिर भी इन्हे मिटाना होगा ।

Sunday, March 14, 2010

सच के ठेकेदार-1

इस दुनिया में लोग लाशों का व्यापार करते हैं और जिन्दा लोगो को नोच नोच कर खाते हैं यह लोग और कोई नहीं हैं आपके करीबी होने का दावा करने वाले हैं यह सच के ठेकेदार हैं जो हर मिनट झूठ बोल कर सच की तरफदारी करते हैं वो आदमी जिसे सच का पता ही नहीं वो आदमी जिसने कभी पूरी जिंदगी सच बोला हीं नहीं कह रहा हैं सच में बहुत ताक़त होती हैं कोई भाई अपने भाई का हक मार लेता हैं कोई डॉक्टर?जिसको बिमारी का कुछ पता नहीं वो इलाज करता हैं कोई बेटा अपनी माँ को बताता हैं कि अब मृत्यु का मतलब क्या हैं वो अपनी माँ को कहता हैं अब तुमने चले जाना हैं वो माँ क्या करे ? कोई बाप अपने अहम या पैसे की खातिर अपनी बेटी/ से नाता तोड़ लेता हैं पर क्या ऐसे नाता टूट जाता हैं ? शायद तो नहीं






 चीख कर कह रहे हैं विचार शून्य लोग मिलकर इस धरती का भविष्य तय कर रहे हैं और यह लोग चीख  रहे  हैं कि यह धरती खतरे में हैं सच खतरे में हैं 'सच' खतरे में हैं ? तो पढे कुछ जीवन के कडवे सच जो हम सब की जिंदगी में रोज होते हैं पर हम उन्हे नजरअंदाज कर देते हैं यह वो सच हैं जो किसकी भी जिंदगी से जुड़े हो सकते हैं । TO BE contd.

Saturday, March 13, 2010

MAIN

मैं ----विपिन भाटिया
कहना , मैं तुमसे चाहता हूँ
बहुत सी ऐसी बातें हैं
जो मैं तुमसे और सिर्फ तुमसे कहना चाहता हूँ
पर हर बार कहने से पहले सोचना पड़ता हैं
मसलन
खोने का डर
मैंने फिर सोचा कि अगर
ORIGIN OF LIFE, VANISHING OF EGOS हैं
यानि प्रशंसा भाव हैं तो ,
पर,
इसके लिए बहुत से नए शब्दों का निर्माण करना पड़ेगा।
और फिर सोचा कि
जब मैंने कल्पना ही एक 'मैं ' शब्द की हैं
तो ,पर बहुत सी ऐसी बातें हैं
जो मैं तुमसे और सिर्फ तुमसे कहना चाहता हूँ ।
पर 'मैं' शब्द के विश्वास पर
अभिमान करके
मैंने सुना सोचा और समझा और कहा ।

A DAY START UP WITH

A DAY START UP WITH VERY INTERSTING MORNING & ENDS WITH A PROMISE

OF BRIGHT TOMORROW.SO,LIFE IS A BEAUTIFUL LIVE.

THINGS ARE HAPPENING AROUND US VERY FASTLY BUT WE MOVE SLOWLY.INFACT

SOMETIMES WE EVEN DON'T MOVE AT ALL.THIS IS TYPICAL INDIAN CULTURE

WHERE WE PROUD OF SO MANY NONSENSE THINGS.BUT WE DON'T ALLOW OUR

MINDS TO STRUGGLE WITH BAD IDEAS & ALLOW GOOD IDEAS TO ENTER.WE BELIEVE

IN RELATIONS BUT WE DON'T RESPECT RELATIONS AT ALL.WE BELIEVE IN

SOCIALISM BUT WE DON'T LIKE GOOD SOCIAL THINGS.WE BELIEVE IN GOD BUT WE

WORSHIP MONEY.ABOVE ALL WE USE INTERNET,MOBILES,AEROPLANES & OTHER

HITECH THINGS BUT WE DON'T BELIEVE ON SCIENCE.WE DON'T BELIEVE ON

SCIENTIFIC ANALYSIS OF ANY DISEASE.

THAT'S WHY A DAY STARTS WITH GOODMORNING,THEN GOES THROUGH

STRANGEFUL EVENTS SOMETIMES DIFFICULT TO BELIEVE BUT ONE IS USED OF IT.