मैं ----विपिन भाटिया
कहना , मैं तुमसे चाहता हूँ
बहुत सी ऐसी बातें हैं
जो मैं तुमसे और सिर्फ तुमसे कहना चाहता हूँ
पर हर बार कहने से पहले सोचना पड़ता हैं
मसलन
खोने का डर
मैंने फिर सोचा कि अगर
ORIGIN OF LIFE, VANISHING OF EGOS हैं
यानि प्रशंसा भाव हैं तो ,
पर,
इसके लिए बहुत से नए शब्दों का निर्माण करना पड़ेगा।
और फिर सोचा कि
जब मैंने कल्पना ही एक 'मैं ' शब्द की हैं
तो ,पर बहुत सी ऐसी बातें हैं
जो मैं तुमसे और सिर्फ तुमसे कहना चाहता हूँ ।
पर 'मैं' शब्द के विश्वास पर
अभिमान करके
मैंने सुना सोचा और समझा और कहा ।
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