Sunday, June 20, 2010

पिताजी ने कहलवाया है

मैंने, माँ से कहा- पूछो , पिताजी से ,
कैसे हो ?
मैंने, माँ से कहा -कहो पिताजी से ,
मैं हरपल उन्हें याद करता हूँ ।
मैंने, माँ से कहा- बताओं पिताजी को
कि मैं अभी भी उनका इंतज़ार करता हूँ ।
मैंने, माँ से कहा- बोलो पिताजी को
जैसे- जैसे मैं बड़ा हुआ,
अपने पैरों पर खडा हुआ,
तो बिन उनके जमीन वो नहीं थी समझदारी की ।
मैंने, माँ से बहुत कुछ कहा
कि ये बोलो ,वो बोलो,
ढेर सारी थी मेरी फरमाईशेँ ।
बहुत सारी थी मेरी बातें और मेरी ख्वाहिशैँ ।
मैंने ,माँ से कहा- बताना पिताजी को
कि मैं भी बन चुका हूँ पिता ,
समझ पाता हूँ दर्द उनका,
ना पूरी कर पाना उम्मीदों का मेरी।
तो ,माँ ने कहा- पिताजी ने कहलवाया हैं-
मेरा बेटा पिता बन कर समझदार होने को आया है ।

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