एक स्टेडियम में खेल चल रहे थे। भीड़ बहुत अधिक नहीं थी। आठ लड़कियां रेसिंग ट्रेक पर दौड़ने के लिए तैयार खड़ी थी।
रेड़ी .... स्टेडी ... बैंग
घंटी की आवाज़ के साथ ही लड़कियों ने दौड़ना शुरू किया। अभी उन्होंने 10 से 15 कदम ही तय किए थे कि एक लड़की का पैर फिसल गया और वह गिर गयी। वह दर्द में कराह रही थी। सातों लड़कियों ने उसके रोने की आवाज़ सुनी और दौड़ना बंद कर दिया। पीछे मुड़कर उसे देखने लगी और अंत में , दौड़ते हुए उस लड़की के पास चली गयी।
सातों ने उसे उठाया , उसे शांत करने लगी और फिर सबने एक दूसरे का हाथ पकड़ लिया। सब साथ चलती -दौड़ती रही। वे सातों एक समय पर जीत के निशान तक पहुंची। अधिकारी देखकर हैरत में थे। वहां बैठे लोगो की आंखें भर आयी।
ऐसा वास्तव में हुआ है। यह दौड़ नेशनल इंस्टीटूयट ऑफ मेंटल हेल्थ की ओर से आयोजित की गयी थी। सभी
उम्मीदवार मंदबुद्धि थे।
और उन्होंने सिखाया क्या ?
समूह भावना , मानवीयता , खेल भावना , प्यार , देखभाल और समानता।
हम और आप यदि इस जगह होते तो क्या ऐसा करते ? शायद नहीं , कारण …
हमारे पास दिमाग है .....
हममें अहंकार है.......
हममें एटीट्यूड है.......
हम व्यावहारिक है ......
रेड़ी .... स्टेडी ... बैंग
घंटी की आवाज़ के साथ ही लड़कियों ने दौड़ना शुरू किया। अभी उन्होंने 10 से 15 कदम ही तय किए थे कि एक लड़की का पैर फिसल गया और वह गिर गयी। वह दर्द में कराह रही थी। सातों लड़कियों ने उसके रोने की आवाज़ सुनी और दौड़ना बंद कर दिया। पीछे मुड़कर उसे देखने लगी और अंत में , दौड़ते हुए उस लड़की के पास चली गयी।
सातों ने उसे उठाया , उसे शांत करने लगी और फिर सबने एक दूसरे का हाथ पकड़ लिया। सब साथ चलती -दौड़ती रही। वे सातों एक समय पर जीत के निशान तक पहुंची। अधिकारी देखकर हैरत में थे। वहां बैठे लोगो की आंखें भर आयी।
ऐसा वास्तव में हुआ है। यह दौड़ नेशनल इंस्टीटूयट ऑफ मेंटल हेल्थ की ओर से आयोजित की गयी थी। सभी
उम्मीदवार मंदबुद्धि थे।
और उन्होंने सिखाया क्या ?
समूह भावना , मानवीयता , खेल भावना , प्यार , देखभाल और समानता।
हम और आप यदि इस जगह होते तो क्या ऐसा करते ? शायद नहीं , कारण …
हमारे पास दिमाग है .....
हममें अहंकार है.......
हममें एटीट्यूड है.......
हम व्यावहारिक है ......
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