प्रिय नरेश ,
आज १५ अगस्त हैं सुबह सात बजे टीवी पर लालकिले का कार्यक्रम चल रहा था।
पहले झंडा फहराने के वक़्त जनगण मन हुआ। कुछ याद आया ,
फिर मन हुआ कि साथ-साथ गाऊँ। पर वक़्त गुजर गया और फिर एक बहुत ही कमजोर भाषण हुआ।
पर अंत में फिर जनगण मन शुरू हुआ, इस बार मेरी आँखों में आसूँ भर आये और
मैं जनगण मन गाने लगा।
फिर मैंने 'हकीकत' मूवी देखी। उसके बाद
जाने 'मैं ' कहाँ खो गया।
सिर्फ १५ अगस्त की ही बात नहीं हैं,
वो आदर्शवाद की बाते।
वो सपने।
शायद मैं अब जहाँ हूँ वहाँ से मुड़कर कुछ कर पाना शायद बहुत कठिन हैं
समाज को बदलना , नयी सोच लाना शायद सड़े गले शब्द हैं
क्योंकि
हम इस समाज के हिस्से- कायर हैं , डरपोक हैं।
गाँधी का नाम लेकर प्रसन्न होते हैं।
और
भगवान् से डरते हैं
प्यार करना शायद हमें आता नहीं।
बाकी फिर लिखूँगा ।
वैसे सच बात ये हैं कि
अब मौत बेवफा लगती हैं और
जिंदगी का मत पूछ मेरे यार क्योंकि
संगदिल बातों पे यकीं मुझे कम हो चला हैं
कुछ तुम कहो। एक बात रह गयी शायद --ये गाना सुनना --मुकेश का (फिर सुबह होगी )
"आसमान पे है खुदा और ज़मीन पे हम
आजकल वो इस तरफ देखता है कम
आजकल किसी को वो रोकता नहीं
चाहे कुछ भी कीजये टोकता नहीं ----- EARLIER PUBLISHED ON 15/8/2013.
आज १५ अगस्त हैं सुबह सात बजे टीवी पर लालकिले का कार्यक्रम चल रहा था।
पहले झंडा फहराने के वक़्त जनगण मन हुआ। कुछ याद आया ,
फिर मन हुआ कि साथ-साथ गाऊँ। पर वक़्त गुजर गया और फिर एक बहुत ही कमजोर भाषण हुआ।
पर अंत में फिर जनगण मन शुरू हुआ, इस बार मेरी आँखों में आसूँ भर आये और
मैं जनगण मन गाने लगा।
फिर मैंने 'हकीकत' मूवी देखी। उसके बाद
जाने 'मैं ' कहाँ खो गया।
सिर्फ १५ अगस्त की ही बात नहीं हैं,
वो आदर्शवाद की बाते।
वो सपने।
शायद मैं अब जहाँ हूँ वहाँ से मुड़कर कुछ कर पाना शायद बहुत कठिन हैं
समाज को बदलना , नयी सोच लाना शायद सड़े गले शब्द हैं
क्योंकि
हम इस समाज के हिस्से- कायर हैं , डरपोक हैं।
गाँधी का नाम लेकर प्रसन्न होते हैं।
और
भगवान् से डरते हैं
प्यार करना शायद हमें आता नहीं।
बाकी फिर लिखूँगा ।
वैसे सच बात ये हैं कि
अब मौत बेवफा लगती हैं और
जिंदगी का मत पूछ मेरे यार क्योंकि
संगदिल बातों पे यकीं मुझे कम हो चला हैं
कुछ तुम कहो। एक बात रह गयी शायद --ये गाना सुनना --मुकेश का (फिर सुबह होगी )
"आसमान पे है खुदा और ज़मीन पे हम
आजकल वो इस तरफ देखता है कम
आजकल किसी को वो रोकता नहीं
चाहे कुछ भी कीजये टोकता नहीं ----- EARLIER PUBLISHED ON 15/8/2013.
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