Wednesday, August 13, 2014

मुझे भी अपना स्वभाव सीखा दो

ओ  धैर्यशाली तारो ,
 मुझे भी अपना स्वभाव सीखा दो ,
तुम जो प्रत्येक  रात्रि  में
इस प्राचीन आकाश में चढ़ते हो।
और आकाश पर
 न कोई छाया छोड़ते हो ,
 न कोई निशान ,
न आयु   का कोई चिन्ह
और
 न मृत्यु का कोई भय।

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