सारे सँसार का मालिक एक हैं
जीवन की नाव हिचकोले खा रही हैं।
नाव की पतवार मेरे हाथ में हैं
ऐसा लगता हैं।
परन्तु तू इस सँसार का तारणहार हैं
और
तुझसे बड़ा निर्देशक कौन हैं जो
कभी खलनायक तो कभी नायक बना कर
मुझे नचाता हैं।
जीवन की नाव हिचकोले खा रही हैं।
नाव की पतवार मेरे हाथ में हैं
ऐसा लगता हैं।
परन्तु तू इस सँसार का तारणहार हैं
और
तुझसे बड़ा निर्देशक कौन हैं जो
कभी खलनायक तो कभी नायक बना कर
मुझे नचाता हैं।
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