आज की ताजा खबर : देखिये दिल्ली विधानसभा में बीजेपी MLA S की अराजकता और फिर कोसिए ,
कैसी व्वयस्था में - हमने किनको चुना था, जो लड़ते हैं सच के खिलाफ। और जो झूठ हैं उसके साथ चुप-चाप बैठ जाते हैं। और फिर बड़ी बेशर्मी से हँसते - हँसते टीवी के चैनल्स पर सच्चे बनने का ढोंग करते हैं। देशभक्ति के नारे लगाते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते हैं। चाहे वो युददुरप्पा (बीजेपी) हो या राजा हो या वीरप्पा मोइली हो
या कोई और।
आज अरविन्द केजरीवाल ने इस्तीफ़ा देकर सच की लड़ाई आगे बड़ाई हैं। बिना किसी डर के या बिना सत्ता के
लालच के कुछ करना ये सब तो कुछ अजीब सा लगता हैं या स्वप्न लगता हैं। पर इस स्वप्न को सच कर दिखाया था अरविन्द ने।
हमे शायद आदत हो गयी हैं गन्दी व टूटी सड़को के बीच में रहने की। रोज-रोज जाम सहने की। पुलिस की लाठी खाने की। गंदा पानी पीकर बीमार होने की। और तो और हम ये भी नहीं जानते कि जिस भ्रष्टाचार के फ्लाईओवर से रोज हम गुजरते हैं किसी दिन वो गिर जायेगा चाहे हम जितने मर्जी अमीर क्यों न हो।
जिस भ्रष्टाचार की A.C. रेल में हम सफ़र करते हैं वो आये दिन आग में जल रही होती हैं।
इन हाई क्लास लोगो के ये नहीं मालूम कि यमुना को गन्दा रखकर वो कैंसर जैसी लाइलाज़ बिमारियों से आज घिरा हुआ हैं। और यमुना पर तो हजारों करोड़ रुपए खर्च करके भी वो साफ़ न हो पायी। और बहुत कुछ हैं लिखने को
पर आज इतना ही।
ये थी एक श्रद्धांजलि अरविन्द केजरीवाल के इस्तीफ़े पर।
कैसी व्वयस्था में - हमने किनको चुना था, जो लड़ते हैं सच के खिलाफ। और जो झूठ हैं उसके साथ चुप-चाप बैठ जाते हैं। और फिर बड़ी बेशर्मी से हँसते - हँसते टीवी के चैनल्स पर सच्चे बनने का ढोंग करते हैं। देशभक्ति के नारे लगाते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते हैं। चाहे वो युददुरप्पा (बीजेपी) हो या राजा हो या वीरप्पा मोइली हो
या कोई और।
आज अरविन्द केजरीवाल ने इस्तीफ़ा देकर सच की लड़ाई आगे बड़ाई हैं। बिना किसी डर के या बिना सत्ता के
लालच के कुछ करना ये सब तो कुछ अजीब सा लगता हैं या स्वप्न लगता हैं। पर इस स्वप्न को सच कर दिखाया था अरविन्द ने।
हमे शायद आदत हो गयी हैं गन्दी व टूटी सड़को के बीच में रहने की। रोज-रोज जाम सहने की। पुलिस की लाठी खाने की। गंदा पानी पीकर बीमार होने की। और तो और हम ये भी नहीं जानते कि जिस भ्रष्टाचार के फ्लाईओवर से रोज हम गुजरते हैं किसी दिन वो गिर जायेगा चाहे हम जितने मर्जी अमीर क्यों न हो।
जिस भ्रष्टाचार की A.C. रेल में हम सफ़र करते हैं वो आये दिन आग में जल रही होती हैं।
इन हाई क्लास लोगो के ये नहीं मालूम कि यमुना को गन्दा रखकर वो कैंसर जैसी लाइलाज़ बिमारियों से आज घिरा हुआ हैं। और यमुना पर तो हजारों करोड़ रुपए खर्च करके भी वो साफ़ न हो पायी। और बहुत कुछ हैं लिखने को
पर आज इतना ही।
ये थी एक श्रद्धांजलि अरविन्द केजरीवाल के इस्तीफ़े पर।
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