खट्या कि रब्बा
मैं कि खट्या
चैन मैनू मिलदा नहीं
बचैन हर वैले
मेरा दिल रहंदा
वे रब्बा दस कि
मैं पुटया ओ पुटया
खट्या कि रब्बा मैं
कि खट्या
इको जींद मैनू मिली सी
ओ वी तडप दी रेह्न्दी है
किसी नु कुछ
न कहन्दी है
ओ रब्बा दस मैनू
कि मैं पटया
ओ रब्बा दस मैनू की
मैं खटया
बेचारी दे एस आलम ने
मैनू
किते दा न छडया
ऐ मैनू किथे सटया
मैं कि खट्या
चैन मैनू मिलदा नहीं
बचैन हर वैले
मेरा दिल रहंदा
वे रब्बा दस कि
मैं पुटया ओ पुटया
खट्या कि रब्बा मैं
कि खट्या
इको जींद मैनू मिली सी
ओ वी तडप दी रेह्न्दी है
किसी नु कुछ
न कहन्दी है
ओ रब्बा दस मैनू
कि मैं पटया
ओ रब्बा दस मैनू की
मैं खटया
बेचारी दे एस आलम ने
मैनू
किते दा न छडया
ऐ मैनू किथे सटया
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