Monday, October 2, 2017

सत्य ही ईश्वर है और ईश्वर ही सत्य है!

महात्मा गांधी के लिए -एक श्रद्धांजलि "सत्यमेव जयते "।

सत्य की जीत का हम कैसे वर्णन कर सकते हैं?

सच और केवल एकदम सच
सच और सुन्दरता
सच और निडरता

सच और प्यार
सच और अहिंसा
सच और सहनशीलता

सच और चरित्र
सच और किसी वस्तु की इच्छा न होना
और सच ही इश्वर है

सच के लिए मरना
सच और जीवन
सच और तपस्या

सच की कीमत
सच को महसूस करना

तो यह थे सच्चाई के इतने विभिन्न रूप
परन्तु
लोग कहते हैं की :-
"मृत्यु ही सच है,यह जीवन झूठ है "
परन्तु मेरे विचार से जीवन ही सत्य है और शुरू से अंत तक हम अपनी-अपनी सच्चाईयों की लड़ाई लड़ते रहते हैं और अंत मे सच ही रहता है ,सच ही जीता है और अंततः सच जीतता है
इसीलिए कहा गया है:-
"सत्यमेव जयते "।   

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