Thursday, September 18, 2014

खून -खराबे से कैसे आदमी......

खून -खराबे से कैसे आदमी / समाज /देश पिछड़ जाते हैं इसकी मिसाल मैंने अखबार में  पढ़ी। सीरिया में तीन साल से जारी खूनी लड़ाई के कारण यह देश कम से कम तीस साल पीछे चला गया हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार सिरिया की करीब 45 %आबादी गरीबी की रेखा के नीचे   तुलना में   सिर्फ 12 % आबादी  मार्च 2011  गरीबी की रेखा के नीचे थी। गृहयुद्ध शुरू होने से पहले करीब 8 % आबादी बेरोजगार थी और अब है : लगभग  आधी आबादी। लड़ाई शुरू होने से पहले सीरिया उन गिने -चुने अरब देशों में एक था जो विकास के लक्ष्यों को पीछे छोड़ देते थे। मगर तीन साल बाद सिर्फ सोमालिया से बेहतर ?
यह तो एक बानगी है अभी तस्वीर बाकी है इराक , तुर्की आदि की।  

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