MY BUSINESS CAN BE OF ANYONE'S BUSINESS.TODAY'S HOT PICK IS SHARE
MARKET.NO FUNDAMENTAL,NO INVESTOR FRIENDLY AS IT USED TO BE IN EARLIER
DAYS. IT IS TOTALLY INTRA DAY TRADER-FRIENDLY MARKET.KEEP ON GUESSING
HOW AFTER DOW HAS LOST 1% OR 2% NEXT MORNING SUDDENLY YOU'LL FIND
SELLERS ONLY IN OUR MARKET OR VICE-VERSA. ANOTHER INERSTING THING IS
THAT ONE DAY IF ONE SECTOR IS GOOD.IN FEW DAYS FUNDAMENTALS GOES WRONG & ANOTHER NEW SECTOR WILL BE MORE ATTRACTIVE.THIS IS A CHAIN & ONE CAN
EASILY TRAPPED IN THIS.So,YOU ARE MOST WELCOMED FOR HANDSOME RETURN
BUT AS A SHORT TERM INVESTOR.IF YOU HAVE EARNED PROFIT IN ONE DAY OR IN
FEW HOURS OR IN FEW MINUTES DON'T WAIT SELL IT & KEEP MONEY FOR NEXT
DAY. TO BE CONTD.
Sunday, May 30, 2010
Saturday, May 1, 2010
मैं और माँ!
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ,
मैं ही नहीं बहु भी कहती ,
कहते सारे पोते नाती ,
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।
रोज सवेरे मुझे जागना ,
बैठे पलंग पर भजन सुनाना ,
प्यारे कृष्ण के अनुपम किस्से,
तेरी दिनचर्या के हिस्से ,
पूजा के तू कमल बनाती ,
माँ ! तू कुछ दिन तू और ना जाती।
वृदावन तुझको ले जाता ,
यमुनाजी में स्नान कराता ,
धीरे-धीरे पाँव दबाता ,
तू जब भी थक कर सो जाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।
कमरे का वो सूना कोना ,
चलना फिरना खाना सोना ,
रोज सुबह ठाकुरजी को नहलाना ,
बच्चो को तुझको टहलाना,
जिसको तू देती थी रोटी ,
गैया आकर रोज रंभाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती।
सुबह देर तक सोता रहता ,
घुटता मन में रोता रहता ,
बच्चे तेरी बाते करते ,
तब आँखों से आंसू झरते ,
माँ अब तू क्यों न सहलाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।
अब जब से तू चली गयी हैं ,
मुरझा मन की कली गयी हैं ,
थी ममत्व की सुन्दर मूरत,
तेरी वो भोली सी सूरत ,
दृढ़ निश्चय और वज्र इरादे ,
मन गुलाब की कोमल पाती।
माँ!कुछ दिन तू और ना जाती।
मैं ही नहीं बहु भी कहती ,
कहते सारे पोते नाती ,
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।
रोज सवेरे मुझे जागना ,
बैठे पलंग पर भजन सुनाना ,
प्यारे कृष्ण के अनुपम किस्से,
तेरी दिनचर्या के हिस्से ,
पूजा के तू कमल बनाती ,
माँ ! तू कुछ दिन तू और ना जाती।
वृदावन तुझको ले जाता ,
यमुनाजी में स्नान कराता ,
धीरे-धीरे पाँव दबाता ,
तू जब भी थक कर सो जाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।
कमरे का वो सूना कोना ,
चलना फिरना खाना सोना ,
रोज सुबह ठाकुरजी को नहलाना ,
बच्चो को तुझको टहलाना,
जिसको तू देती थी रोटी ,
गैया आकर रोज रंभाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती।
सुबह देर तक सोता रहता ,
घुटता मन में रोता रहता ,
बच्चे तेरी बाते करते ,
तब आँखों से आंसू झरते ,
माँ अब तू क्यों न सहलाती ।
माँ! कुछ दिन तू और ना जाती ।
अब जब से तू चली गयी हैं ,
मुरझा मन की कली गयी हैं ,
थी ममत्व की सुन्दर मूरत,
तेरी वो भोली सी सूरत ,
दृढ़ निश्चय और वज्र इरादे ,
मन गुलाब की कोमल पाती।
माँ!कुछ दिन तू और ना जाती।
Wednesday, March 17, 2010
सुनो, सोचो और समझो
मैंने सुना,मैंने सोचा
और
फिर मुझे याद आया
कि जहाँ कही भी
मैं गलत होता हूँ
तुम और सिर्फ तुम
मुझे सही कर देती हो
और
मुझे अहसास भी नहीं होता
मैंने सुना, मैंने सोचा
और फिर मुझे याद आया
कि
मुझे सही होने की उतनी ख़ुशी या गम नहीं
जितना रश्क मुझे इस बात का हैं कि
मेरे स्वाभिमान और तुमारे अभिमान में
सिर्फ 'स्व' जैसे उपसर्ग का फर्क हैं
फिर भी मैने सोचा
और फिर मुझे याद आया
शायद 'स्व' को मुझे मिटाना होगा
और फिर अहसास दिलाना होगा
कि स्वाभिमान -अभिमान बहुत वजनदार हैं
वैसे
बहुत मजेदार हैं
फिर भी इन्हे मिटाना होगा। फिर भी इन्हे मिटाना होगा ।
और
फिर मुझे याद आया
कि जहाँ कही भी
मैं गलत होता हूँ
तुम और सिर्फ तुम
मुझे सही कर देती हो
और
मुझे अहसास भी नहीं होता
मैंने सुना, मैंने सोचा
और फिर मुझे याद आया
कि
मुझे सही होने की उतनी ख़ुशी या गम नहीं
जितना रश्क मुझे इस बात का हैं कि
मेरे स्वाभिमान और तुमारे अभिमान में
सिर्फ 'स्व' जैसे उपसर्ग का फर्क हैं
फिर भी मैने सोचा
और फिर मुझे याद आया
शायद 'स्व' को मुझे मिटाना होगा
और फिर अहसास दिलाना होगा
कि स्वाभिमान -अभिमान बहुत वजनदार हैं
वैसे
बहुत मजेदार हैं
फिर भी इन्हे मिटाना होगा। फिर भी इन्हे मिटाना होगा ।
Sunday, March 14, 2010
सच के ठेकेदार-1
इस दुनिया में लोग लाशों का व्यापार करते हैं और जिन्दा लोगो को नोच नोच कर खाते हैं यह लोग और कोई नहीं हैं आपके करीबी होने का दावा करने वाले हैं यह सच के ठेकेदार हैं जो हर मिनट झूठ बोल कर सच की तरफदारी करते हैं वो आदमी जिसे सच का पता ही नहीं वो आदमी जिसने कभी पूरी जिंदगी सच बोला हीं नहीं कह रहा हैं सच में बहुत ताक़त होती हैं कोई भाई अपने भाई का हक मार लेता हैं कोई डॉक्टर?जिसको बिमारी का कुछ पता नहीं वो इलाज करता हैं कोई बेटा अपनी माँ को बताता हैं कि अब मृत्यु का मतलब क्या हैं वो अपनी माँ को कहता हैं अब तुमने चले जाना हैं वो माँ क्या करे ? कोई बाप अपने अहम या पैसे की खातिर अपनी बेटी/ से नाता तोड़ लेता हैं पर क्या ऐसे नाता टूट जाता हैं ? शायद तो नहीं
चीख कर कह रहे हैं विचार शून्य लोग मिलकर इस धरती का भविष्य तय कर रहे हैं और यह लोग चीख रहे हैं कि यह धरती खतरे में हैं सच खतरे में हैं 'सच' खतरे में हैं ? तो पढे कुछ जीवन के कडवे सच जो हम सब की जिंदगी में रोज होते हैं पर हम उन्हे नजरअंदाज कर देते हैं यह वो सच हैं जो किसकी भी जिंदगी से जुड़े हो सकते हैं । TO BE contd.
चीख कर कह रहे हैं विचार शून्य लोग मिलकर इस धरती का भविष्य तय कर रहे हैं और यह लोग चीख रहे हैं कि यह धरती खतरे में हैं सच खतरे में हैं 'सच' खतरे में हैं ? तो पढे कुछ जीवन के कडवे सच जो हम सब की जिंदगी में रोज होते हैं पर हम उन्हे नजरअंदाज कर देते हैं यह वो सच हैं जो किसकी भी जिंदगी से जुड़े हो सकते हैं । TO BE contd.
Saturday, March 13, 2010
MAIN
मैं ----विपिन भाटिया
कहना , मैं तुमसे चाहता हूँ
बहुत सी ऐसी बातें हैं
जो मैं तुमसे और सिर्फ तुमसे कहना चाहता हूँ
पर हर बार कहने से पहले सोचना पड़ता हैं
मसलन
खोने का डर
मैंने फिर सोचा कि अगर
ORIGIN OF LIFE, VANISHING OF EGOS हैं
यानि प्रशंसा भाव हैं तो ,
पर,
इसके लिए बहुत से नए शब्दों का निर्माण करना पड़ेगा।
और फिर सोचा कि
जब मैंने कल्पना ही एक 'मैं ' शब्द की हैं
तो ,पर बहुत सी ऐसी बातें हैं
जो मैं तुमसे और सिर्फ तुमसे कहना चाहता हूँ ।
पर 'मैं' शब्द के विश्वास पर
अभिमान करके
मैंने सुना सोचा और समझा और कहा ।
कहना , मैं तुमसे चाहता हूँ
बहुत सी ऐसी बातें हैं
जो मैं तुमसे और सिर्फ तुमसे कहना चाहता हूँ
पर हर बार कहने से पहले सोचना पड़ता हैं
मसलन
खोने का डर
मैंने फिर सोचा कि अगर
ORIGIN OF LIFE, VANISHING OF EGOS हैं
यानि प्रशंसा भाव हैं तो ,
पर,
इसके लिए बहुत से नए शब्दों का निर्माण करना पड़ेगा।
और फिर सोचा कि
जब मैंने कल्पना ही एक 'मैं ' शब्द की हैं
तो ,पर बहुत सी ऐसी बातें हैं
जो मैं तुमसे और सिर्फ तुमसे कहना चाहता हूँ ।
पर 'मैं' शब्द के विश्वास पर
अभिमान करके
मैंने सुना सोचा और समझा और कहा ।
A DAY START UP WITH
A DAY START UP WITH VERY INTERSTING MORNING & ENDS WITH A PROMISE
OF BRIGHT TOMORROW.SO,LIFE IS A BEAUTIFUL LIVE.
THINGS ARE HAPPENING AROUND US VERY FASTLY BUT WE MOVE SLOWLY.INFACT
SOMETIMES WE EVEN DON'T MOVE AT ALL.THIS IS TYPICAL INDIAN CULTURE
WHERE WE PROUD OF SO MANY NONSENSE THINGS.BUT WE DON'T ALLOW OUR
MINDS TO STRUGGLE WITH BAD IDEAS & ALLOW GOOD IDEAS TO ENTER.WE BELIEVE
IN RELATIONS BUT WE DON'T RESPECT RELATIONS AT ALL.WE BELIEVE IN
SOCIALISM BUT WE DON'T LIKE GOOD SOCIAL THINGS.WE BELIEVE IN GOD BUT WE
WORSHIP MONEY.ABOVE ALL WE USE INTERNET,MOBILES,AEROPLANES & OTHER
HITECH THINGS BUT WE DON'T BELIEVE ON SCIENCE.WE DON'T BELIEVE ON
SCIENTIFIC ANALYSIS OF ANY DISEASE.
THAT'S WHY A DAY STARTS WITH GOODMORNING,THEN GOES THROUGH
STRANGEFUL EVENTS SOMETIMES DIFFICULT TO BELIEVE BUT ONE IS USED OF IT.
OF BRIGHT TOMORROW.SO,LIFE IS A BEAUTIFUL LIVE.
THINGS ARE HAPPENING AROUND US VERY FASTLY BUT WE MOVE SLOWLY.INFACT
SOMETIMES WE EVEN DON'T MOVE AT ALL.THIS IS TYPICAL INDIAN CULTURE
WHERE WE PROUD OF SO MANY NONSENSE THINGS.BUT WE DON'T ALLOW OUR
MINDS TO STRUGGLE WITH BAD IDEAS & ALLOW GOOD IDEAS TO ENTER.WE BELIEVE
IN RELATIONS BUT WE DON'T RESPECT RELATIONS AT ALL.WE BELIEVE IN
SOCIALISM BUT WE DON'T LIKE GOOD SOCIAL THINGS.WE BELIEVE IN GOD BUT WE
WORSHIP MONEY.ABOVE ALL WE USE INTERNET,MOBILES,AEROPLANES & OTHER
HITECH THINGS BUT WE DON'T BELIEVE ON SCIENCE.WE DON'T BELIEVE ON
SCIENTIFIC ANALYSIS OF ANY DISEASE.
THAT'S WHY A DAY STARTS WITH GOODMORNING,THEN GOES THROUGH
STRANGEFUL EVENTS SOMETIMES DIFFICULT TO BELIEVE BUT ONE IS USED OF IT.
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