Sunday, October 19, 2014

और मैं हँस देता हूँ।

मेरी यादें ,
मेरे अकेलेपन को खाली कर देती हैं
 वक़्त ने एक दिन अहसास दिलाया
 और
 फिर मुझे बताया
और
भी कुछ है
जो मुझे रोकता है टोकता है
मसलन मेरा साया।
मेरी यादें ,
मेरे अकेलेपन को खाली कर देती हैं
जानें कितने बरस हुए मुझे के मैं न बरसा।
उस सावन भादों को तरसा।
वो अकेलापन बस अहसास उसका मुझे रुला जाता हैं
और मैं हँस  देता हूँ।

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